डाक जीवन बीमा की पूरी जानकारी

डाक जीवन बीमा का शरुआत सर्वप्रथम  1 फरवरी 1884 को ब्रिटेश सरकार की मंजूरी से किया गया था यह योजना इंडिया की क्वीन एम्प्रेस ने की थी यह योजना सबसे पहले डाक कर्मचारियों के लिए बनाई गयी थी और फिर इसे सन 1888 में बढा कर तार अधिकारियो के लिए भी कर दिया गया और सन 1894 में इसको और भी ज्यादा बढ़ाकर डाक और तार विभाग में जो भी महिलाये है सभी के लिए कर दया गया क्योकि उस समय महिलायो के लिए ऐसा कुछ भी नहीं था यह उस समय का पहले की जीवन बीमा स्कीम थी।सन 1884 में 200-400 पॉलिसीस होती थी लेकिन यह सन 2015 तक 60 लाख तक हो गयी है।

डाक जीवन बीमा में जोड़े गए विभाग :-

  • भारत सरकार के सभी कर्मचारी डाक।
  • विश्वविद्यालय।
  • सरकार के द्वारा नियमित किये गए इंस्टिट्यूट।
  • राष्ट्रिय बैंक।
  • स्थानीय निकाय।
  • स्वायत्त निकाय।

इस समय भारत में 155600 ब्रांचेज है डाक ही एक छोटा कार्ये है जो हमारे लिए बहुत मह्त्बपूर्ण है और यहां हम पूरा विश्वास रख सकते है ये हमें दूर दूर हैट की सर्विस भी देते है हम डाक का बहुत तरीको से लाभ ले सकते है।

कौन कौन इस डाक बीमा का लाभ उठा सकता है :-

  • केंद्रीय सरकार के कर्मचारी ।
  • रक्षा कर्मचारी।
  • राज्य सर्कार के कर्मचारी।
  • स्थानीय निकाय।
  • सरकार द्वारा निर्धारित इंस्टिट्यूट।
  • रिज़र्व बैंक के कर्मचारी।
  • राष्ट्रीय बैंक।
  • विश्वविद्यालय।

ग्रामीण डाक जीवन बीमा :-

ग्रामीण डाक जीवन बीमा भी डाक जीवन बीमा का ही पार्ट है डाक घर ग्रामीणो के जीवन के लिए बहुत ही उपयोगी है गांव में ज्यादातर लोग डाक का ही प्रयोग करते क्योको बहा कोई अन्य साधन न होता है इसका निर्माण 1995 में किया गया इसमें ग्रामीणों को 5 लाख तक का बीमा देने की बोला गया और सन 2015 तक हमारे देश में 23 लाख 51 हजार  पॉलिसीस हो चुकी है।

 

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