मुस्कान योजना हिमाचल प्रदेश में शरुआत

हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस वीरवार को मुस्कान योजना की शरुआत की थी इस योजना का मुख्य उद्दस्य लिंग अनुपात में समानता लाना है इस योजना की शरुआत 7 जिलो से की गयी जिनका नाम चम्बा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल एंड स्पिति, शिमला, सिरमौर एंड सोलन है इस योजना की शरुआत भूर्ण हत्या को रोकने के लिए की गयी क्योकि इन 7 जिलो में कन्या भूर्ण हत्या बहुत हो रही थी जिसकी बजह से इन जिलो में जन्म लेने बलि लड़कियों की संख्या बहुत कम थी इस योजना में वीरभद्र सिंह ने कन्याओ की माताओ को समाननित किया और उन्हें कुछ उपहार भी दिए।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि लिंग अनुपात में बहुत असमानताएं आ रही है और यहाँ बहुत जरुरी हो गया था के कन्या भूर्ण हत्या को रोक जाये और इसके साथ साथ लोगो को भी जागरूक किया किया जाये के ये गलत है हमें ऐसा नहीं करना चाहिए क्योकि नारी ही हमारे जीवन का आधार है।

इस योजना में सरकार ने कुछ आगनवाड़ी कर्मचारी नियुक्त किये जिन्हें यह काम दिया गया के गर्भबती महिला आगनवाड़ी में अपना रजिस्टेरशन कराये और जितनी भी प्रग्नेट महिलाये है उनको दस सप्ताह के अंदर पंजीकरण कराना अनिवार्य है और इसमें यह भी कहा गया के यह पंजीकरण शहरो में ही नहीं बल्कि गावो के छोटे केन्द्रों में भी पंजीकरण प्रणाली को भी लाया जाये।

मुस्कान योजना के उद्दस्य :-

  • मुस्कान योजना का मुख्य उद्दस्य लिंग अनुपात में समानता लायी जाये।
  • इसमें वहां के नवविवाहित जोड़ों को इस योजना के लिए जागरूक किया जाएगा।
  • इस योजना में  नवजात कन्याओं की माताओं को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाएगा। जिससे की इस योजना के बारे में लोगो को अधिक से अधिक पता लगे ।
  • इस योजना में स्वास्थ्य विकास तथा ग्रामीण विकास जैसी सस्थाओ के माध्यम से लोगो को जागरूक कराया जायेगा।

इस योजना के शरुआत में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. धनी राम शांडिल, मुख्य सचिव वीसी.फारका, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार टीजी नेगी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की सचिव अनुराधा ठाकुर, जिलाधीश शिमला रोहन ठाकुर और अन्य अधिकारी भी उस समय  मौजूद रहे।

 

 

 

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